खुदखुशी से पहले लिखा 14 पन्ने का सुसाइड नोट:घर से अलग रहने दबाव बनाती थी पत्नी; राजस्थान पुलिस ने FIR से नाम हटाने मांगे 50 हजार

इंदौर के बाणगंगा में रहने वाले इवेंट फोटोग्राफर और कैफे संचालक नितिन(28) पुत्र बाबूलाल पडियार, निवासी यादव नंद नगर ने सोमवार को सुसाइड कर लिया। फांसी लगाने से पहले उसने 14 पेज का सुसाइड नोट लिखा। इसमें उसने लव मैरिज से लेकर सुसाइड होने तक की दर्दभरी कहानी बयां की है। सुसाइड नोट में नितिन ने पत्नी, सास और दो सालियों को मौत का जिम्मेदार बताया है। उसने आरोप लगाया कि सास ने कभी हमारी शादी को स्वीकार नहीं किया। पत्नी को घर से अलग रहने के लिए भड़काया। यह विवाद 2019 में हुई शादी के छह महीने बाद ही शुरू हो गया था। बेटा होने के बाद दबाव डालकर पत्नी को जून 2023 में अपने पास बुला लिया और फिर आने ही नहीं दिया। कहा कि मेरी सास हमेशा चाहती थी कि मैं और मेरी पत्नी हर्षा अपने परिवार से दूर अलग से घर लेकर रहें। नितिन ने सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि मेरी सास मुझे पसंद नहीं करती थी, इस वजह से मैं पत्नी को लेने अपने ससुराल भी नहीं जा सकता था। इस दौरान शुरू के छह महीने तो हमारे बीच सामान्य बातचीत चली। लेकिन बात बिगड़ी तो फरवरी 2024 में पत्नी हर्षा ने नितिन, बड़े भाई सूरज और मां पर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करा दिया। हर्षा ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उससे दहेज मांगा जाता था। नितिन ने आरोप लगाया कि हर्षा ने समझौते के बदले मुझसे 20 लाख रुपए मांगे। ताकि इस पैसे से वह इंदौर में अलग से घर ले सके और पति नितिन के साथ अलग से रहे। पढ़िए 14 पेज के सुसाइड नोट की शब्दश: पूरी कहानी... मैं नितिन पड़ियार आत्महत्या कर रहा हूं। क्योंकि मेरी पत्नी हर्षा शर्मा ने मुझे और मेरी पूरी फैमिली को झूठे केसों में फंसाकर परेशान कर दिया है। मैंने अगस्त 2019 में हर्षा शर्मा से लव मैरिज की थी। हमारी शादी के लिए हम दोनों की फैमिली राजी नहीं थी। इसलिए हमने भागकर शादी कर ली। और हम घर से अलग किराए के मकान में रहने लगे। शादी के दो महीने बाद मेरी फैमिली ने हमें घर बुला लिया और मेरी पत्नी को भी अपना लिया। क्योंकि मेरी मम्मी मेरे बिना नहीं रह पा रही थी। और उन्हें मेरी पत्नी हर्षा की चिंता थी कि वो भी अपना घर छोड़कर आई है। तब हर्षा खुशी-खुशी हमारे घर आ गई। इसके बाद मेरे घर वालों ने हमारी शादी की और हमारे रिश्ते को समाज के सामने बताया। और रिसेप्शन भी किया। हम सब खुशी-खुशी रह रहे थे। हालांकि मेरी पत्नी की मम्मी सीता शर्मा इस शादी के लिए कभी राजी नहीं हुई। इसलिए उन्होंने कभी भी मुझे अपना दामाद स्वीकार नहीं किया। मां, भैया-भाभी और भतीजों के लिए लिखा इमोशनल लेटर This for only Mummy मम्मी सुनो। मेरे जाने के बाद तुम रोना मत और ना ही किसी को रोने देना। अगर तुम लोग रोओगे तो मुझे मरने के बाद भी तकलीफ होगी। मम्मी मैं आउंगा। वापस आउंगा। तुम्हारा बेटा बनके। मेरी मौत का कारण सिर्फ और सिर्फ पत्नी हर्षा शर्मा, सास सीता शर्मा, साली मीनाक्षी और वर्षा शर्मा है। इन सबका हाथ है। इन्होंने बहुत डराया और ब्लैकमेल किया है मुझे। मम्मी! मम्मी पहले तो I am Sorry। हर चीज के लिए क्योंकि मैंने तुमको बहुत रुलाया है। तुम दुनिया की सबसे प्यारी मां हो। तुमने जो किया है ना मेरे लिए उसका कर्ज लेके जा रहा हूं। मैं अगले जन्म में आकर चुकाउंगा। मैं भगवान से जाके बोलूंगा कि अगले जन्म में भी तुम मेरी मां रहो। मुझे वापस तुम्हारा ही बेटा बनना है, मम्मी। भैया! भैया, तुझे मैं कभी बोल नहीं पाया। तू मेरा सबकुछ है। तू रहता है तो हिम्मत रहती है। तुझसे मैंने बहुत लड़ाई की। बिना मतलब के तूने हमेशा मुझे माफ किया। तू दुनिया का सबसे अच्छा भाई है। तू हमेशा मम्मी का ध्यान रखना। और आखिरी बात जो मैं कभी बोल नहीं पाया तुझसे - I Love you... भाभी! भाभी मैं तुमसे भी माफी मांगता हूं। हर्षा के लिए मैंने तुमसे भी गलत बात की। तुमसे विनती है कि कभी भैया और मम्मी को दुखी मत होने देना। अनिरुद्ध-अक्षत! (भतीजे) तुम दोनों के बारे में लिखूंगा तो लिखते-लिखते पूरी रात खतम हो जाएगी। तुम दोनों जान हो हम सबकी। एंड चाचू लव अ लॉट बोथ ऑफ यू। और प्लीज दोनों में से कोई भी मेरी तरह मत बनना। मुझे पता है तुम दोनों मेरे जैसा बनना चाहते हो। लेकिन मत बनना। दोनों पापा जैसा बनना। तुम दोनों को कसम है चाचू की। महिलाएं कानून का दुरुपयोग कर रहीं, एग्रीमेंट बनाकर शादी करें मैं नितिन पड़ियार भारत सरकार से ये विनती करता हूं कि भारत का कानून बदलें। क्योंकि महिलाएं इस कानून का दुरुपयोग कर रही हैं। अगर आपने यह कानून व्यवस्था नहीं बदली तो रोज कई लड़के और उनके परिवार उजड़ते रहेंगे। भारत के सभी युवाओं से मेरा निवेदन है कि शादी ना करें और अगर करते भी हैं तो एग्रीमेंट बनवाकर शादी करें। और यदि किसी को भी ये समझ आए कि मेरे साथ बुरा हुआ है तो मेरे मरने के बाद मुझे न्याय दिलाएं और समझ न आए तो खुद की बारी का इंतजार करें। जो हमेशा मेरे साथ खड़े रहे, पत्नी के कहने पर उन्हीं से लड़ता रहा हर्षा के कहने पर मैंने परिवार में मां और भाई को भी गलत बोला। फिर अलग होकर मैं उसी घर में ऊपर रहने लगा। जहां मेरे परिवार वालों की कोई दखल अंदाजी नहीं थी। उसके कुछ दिनों बाद हर्षा ने सुबह 10 से 11 बजे उठना शुरू किया। मैं सुबह 10.30 बजे जॉब पर भूखा ही जाता था। कई बार मेरी भाभी ने खाना खिलाया। इस बार पर मां ने हर्षा को समझाया तो उसने लड़ाई की। कुछ दिन बाद हर्षा प्रेग्नेंट हो गई। उसने यह बात मम्मी को बताई। मम्मी ने कह दिया कि नितिन की औलाद से हमें कोई रिश्ता नहीं रखना। हर्षा इस बात पर बहुत रोई। पत्नी की जिद थी गोद भराई हो, उसकी मां नहीं आई तो मेरे भतीजों से कराई रस्म फिर हर्षा की प्रेग्नेंसी के 6 महीने पूरे होने के बाद हमने गोद भराई का सोचा। लेकिन हर्षा की मम्मी नहीं मानी। लेकिन हर्षा की इच्छा होने पर हमने गोद भराई की रस्म मेरे भतीजे अनिरुद्ध से करवाई। कुछ दिन बाद हमारे यहां बेटे ने जन्म लिया। तब भी हर्षा की मम्मी उसे देखने नहीं आई। लेकिन मेरी मम्मी ने उसका पूरे समय ध्यान रखा। बेटा होने के बाद मायके जाते ही अ

खुदखुशी से पहले लिखा 14 पन्ने का सुसाइड नोट:घर से अलग रहने दबाव बनाती थी पत्नी; राजस्थान पुलिस ने FIR से नाम हटाने मांगे 50 हजार
इंदौर के बाणगंगा में रहने वाले इवेंट फोटोग्राफर और कैफे संचालक नितिन(28) पुत्र बाबूलाल पडियार, निवासी यादव नंद नगर ने सोमवार को सुसाइड कर लिया। फांसी लगाने से पहले उसने 14 पेज का सुसाइड नोट लिखा। इसमें उसने लव मैरिज से लेकर सुसाइड होने तक की दर्दभरी कहानी बयां की है। सुसाइड नोट में नितिन ने पत्नी, सास और दो सालियों को मौत का जिम्मेदार बताया है। उसने आरोप लगाया कि सास ने कभी हमारी शादी को स्वीकार नहीं किया। पत्नी को घर से अलग रहने के लिए भड़काया। यह विवाद 2019 में हुई शादी के छह महीने बाद ही शुरू हो गया था। बेटा होने के बाद दबाव डालकर पत्नी को जून 2023 में अपने पास बुला लिया और फिर आने ही नहीं दिया। कहा कि मेरी सास हमेशा चाहती थी कि मैं और मेरी पत्नी हर्षा अपने परिवार से दूर अलग से घर लेकर रहें। नितिन ने सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि मेरी सास मुझे पसंद नहीं करती थी, इस वजह से मैं पत्नी को लेने अपने ससुराल भी नहीं जा सकता था। इस दौरान शुरू के छह महीने तो हमारे बीच सामान्य बातचीत चली। लेकिन बात बिगड़ी तो फरवरी 2024 में पत्नी हर्षा ने नितिन, बड़े भाई सूरज और मां पर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करा दिया। हर्षा ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उससे दहेज मांगा जाता था। नितिन ने आरोप लगाया कि हर्षा ने समझौते के बदले मुझसे 20 लाख रुपए मांगे। ताकि इस पैसे से वह इंदौर में अलग से घर ले सके और पति नितिन के साथ अलग से रहे। पढ़िए 14 पेज के सुसाइड नोट की शब्दश: पूरी कहानी... मैं नितिन पड़ियार आत्महत्या कर रहा हूं। क्योंकि मेरी पत्नी हर्षा शर्मा ने मुझे और मेरी पूरी फैमिली को झूठे केसों में फंसाकर परेशान कर दिया है। मैंने अगस्त 2019 में हर्षा शर्मा से लव मैरिज की थी। हमारी शादी के लिए हम दोनों की फैमिली राजी नहीं थी। इसलिए हमने भागकर शादी कर ली। और हम घर से अलग किराए के मकान में रहने लगे। शादी के दो महीने बाद मेरी फैमिली ने हमें घर बुला लिया और मेरी पत्नी को भी अपना लिया। क्योंकि मेरी मम्मी मेरे बिना नहीं रह पा रही थी। और उन्हें मेरी पत्नी हर्षा की चिंता थी कि वो भी अपना घर छोड़कर आई है। तब हर्षा खुशी-खुशी हमारे घर आ गई। इसके बाद मेरे घर वालों ने हमारी शादी की और हमारे रिश्ते को समाज के सामने बताया। और रिसेप्शन भी किया। हम सब खुशी-खुशी रह रहे थे। हालांकि मेरी पत्नी की मम्मी सीता शर्मा इस शादी के लिए कभी राजी नहीं हुई। इसलिए उन्होंने कभी भी मुझे अपना दामाद स्वीकार नहीं किया। मां, भैया-भाभी और भतीजों के लिए लिखा इमोशनल लेटर This for only Mummy मम्मी सुनो। मेरे जाने के बाद तुम रोना मत और ना ही किसी को रोने देना। अगर तुम लोग रोओगे तो मुझे मरने के बाद भी तकलीफ होगी। मम्मी मैं आउंगा। वापस आउंगा। तुम्हारा बेटा बनके। मेरी मौत का कारण सिर्फ और सिर्फ पत्नी हर्षा शर्मा, सास सीता शर्मा, साली मीनाक्षी और वर्षा शर्मा है। इन सबका हाथ है। इन्होंने बहुत डराया और ब्लैकमेल किया है मुझे। मम्मी! मम्मी पहले तो I am Sorry। हर चीज के लिए क्योंकि मैंने तुमको बहुत रुलाया है। तुम दुनिया की सबसे प्यारी मां हो। तुमने जो किया है ना मेरे लिए उसका कर्ज लेके जा रहा हूं। मैं अगले जन्म में आकर चुकाउंगा। मैं भगवान से जाके बोलूंगा कि अगले जन्म में भी तुम मेरी मां रहो। मुझे वापस तुम्हारा ही बेटा बनना है, मम्मी। भैया! भैया, तुझे मैं कभी बोल नहीं पाया। तू मेरा सबकुछ है। तू रहता है तो हिम्मत रहती है। तुझसे मैंने बहुत लड़ाई की। बिना मतलब के तूने हमेशा मुझे माफ किया। तू दुनिया का सबसे अच्छा भाई है। तू हमेशा मम्मी का ध्यान रखना। और आखिरी बात जो मैं कभी बोल नहीं पाया तुझसे - I Love you... भाभी! भाभी मैं तुमसे भी माफी मांगता हूं। हर्षा के लिए मैंने तुमसे भी गलत बात की। तुमसे विनती है कि कभी भैया और मम्मी को दुखी मत होने देना। अनिरुद्ध-अक्षत! (भतीजे) तुम दोनों के बारे में लिखूंगा तो लिखते-लिखते पूरी रात खतम हो जाएगी। तुम दोनों जान हो हम सबकी। एंड चाचू लव अ लॉट बोथ ऑफ यू। और प्लीज दोनों में से कोई भी मेरी तरह मत बनना। मुझे पता है तुम दोनों मेरे जैसा बनना चाहते हो। लेकिन मत बनना। दोनों पापा जैसा बनना। तुम दोनों को कसम है चाचू की। महिलाएं कानून का दुरुपयोग कर रहीं, एग्रीमेंट बनाकर शादी करें मैं नितिन पड़ियार भारत सरकार से ये विनती करता हूं कि भारत का कानून बदलें। क्योंकि महिलाएं इस कानून का दुरुपयोग कर रही हैं। अगर आपने यह कानून व्यवस्था नहीं बदली तो रोज कई लड़के और उनके परिवार उजड़ते रहेंगे। भारत के सभी युवाओं से मेरा निवेदन है कि शादी ना करें और अगर करते भी हैं तो एग्रीमेंट बनवाकर शादी करें। और यदि किसी को भी ये समझ आए कि मेरे साथ बुरा हुआ है तो मेरे मरने के बाद मुझे न्याय दिलाएं और समझ न आए तो खुद की बारी का इंतजार करें। जो हमेशा मेरे साथ खड़े रहे, पत्नी के कहने पर उन्हीं से लड़ता रहा हर्षा के कहने पर मैंने परिवार में मां और भाई को भी गलत बोला। फिर अलग होकर मैं उसी घर में ऊपर रहने लगा। जहां मेरे परिवार वालों की कोई दखल अंदाजी नहीं थी। उसके कुछ दिनों बाद हर्षा ने सुबह 10 से 11 बजे उठना शुरू किया। मैं सुबह 10.30 बजे जॉब पर भूखा ही जाता था। कई बार मेरी भाभी ने खाना खिलाया। इस बार पर मां ने हर्षा को समझाया तो उसने लड़ाई की। कुछ दिन बाद हर्षा प्रेग्नेंट हो गई। उसने यह बात मम्मी को बताई। मम्मी ने कह दिया कि नितिन की औलाद से हमें कोई रिश्ता नहीं रखना। हर्षा इस बात पर बहुत रोई। पत्नी की जिद थी गोद भराई हो, उसकी मां नहीं आई तो मेरे भतीजों से कराई रस्म फिर हर्षा की प्रेग्नेंसी के 6 महीने पूरे होने के बाद हमने गोद भराई का सोचा। लेकिन हर्षा की मम्मी नहीं मानी। लेकिन हर्षा की इच्छा होने पर हमने गोद भराई की रस्म मेरे भतीजे अनिरुद्ध से करवाई। कुछ दिन बाद हमारे यहां बेटे ने जन्म लिया। तब भी हर्षा की मम्मी उसे देखने नहीं आई। लेकिन मेरी मम्मी ने उसका पूरे समय ध्यान रखा। बेटा होने के बाद मायके जाते ही अलग रहने के लिए दबाव बनाने लगी हर्षा की इच्छा पूरी करने के लिए मैंने बिजनेस करने के लिए लोन लिया था। लेकिन उसमें मुझे नुकसान हो गया। इसके बाद और लोन लिया लेकिन उसमें भी नुकसान हुआ। हर्षा हम सबसे झगड़ा करके 4 मार्च 2023 को सुबह 6 बजे जोधपुर जाने वाली ट्रेन से हर्षा बड़ी बहन मीनाक्षी के साथ चली गई। कुछ महीने बाद मैंने हर्षा से कहा कि बेटे हनी की याद आ रही है तुम आ जाओ। हर्षा वापस नहीं आ रही थी। इस कारण मेरा काम में मन नहीं लग रहा था। मैं उसके आने का इंतजार करता रहा। हर्षा की मम्मी उसे राजस्थान बुलाने के लिए फोन करने लगी। तो कहने लगी कि हम अलग रहेंगे तो ही मैं आउंगी। मैंने मना किया तो उसने मुझसे बात करना बंद कर दी। मेरा नंबर भी ब्लॉक कर दिया। दूसरे मोबाइल से लगाया तो उसकी मां फोन उठाती और बात नहीं करने देती थी। एक साल तक ऐसा ही चलता रहा। इसके बाद हर्षा ने मुझ पर, मेरी मम्मी और भैया पर कोर्ट में केस दर्ज करा दिया। अलग रहने के लिए मना किया तो दहेज प्रताड़ना का केस किया मैंने अलग रहने से मना किया तो छह महीने बाद बात करना बंद कर दी। मेरे भाई और मम्मी ने तो ये भी कह दिया कि तुम दोनों अलग रह लो, लेकिन हर्षा और उसकी मम्मी का कहना है कि 20 लाख रुपए चाहिए। मैं वैसे ही इतने कर्जे में हूं कि मैं कहां से दूं उन्हें 20 लाख रुपए। इसके बाद जब हम राजस्थान गए तब हर्षा और उसकी मम्मी ने कहा कि अभी तो कुछ नहीं है। अगर पैसे नहीं देगा तो तुझे केस में उलझाएंगे हम। एक साल बाद उसने मुझ पर मारपीट और दहेज प्रताड़ना का झूठा केस लगा दिया। एफआईआर भी दर्ज करवा दी। पुलिस ने मुझे, मम्मी और भैया को बहुत डराया-धमकाया। राजस्थान गए तो पुलिस ने हमें बहुत बेइज्जत किया। मेरे परिवार ने कभी किसी थाने में कदम नहीं रखा। वो लोग बहुत सीधे हैं। उन्हें झूठे केस में कोर्ट जाना पड़ रहा है। मेरे घर में अकेला मेरा भाई है कमाने वाला। मैं काम नहीं कर पा रहा। उसके बावजूद मेरे घर वालों को और मुझे हर महीने कोर्ट की तारीख पर राजस्थान जाना पड़ता है। पुलिस वालों के नाम भी लिखा सुसाइड नोट राजस्थान के थानेदार ने मम्मी और भैया का नाम एफआईआर में हटाने के बदले हमसे पचास हजार रुपए मांगे थे। हमारे पास पैसे नहीं थे तो थानेदार ने मेरे साथ मारपीट की। जैसे-तैसे करके उन्होंने हमारे बयान लिए। वो भी उल्टे-सीधे। हम बता कुछ रहे थे और वो लिख कुछ और रहे थे। उन सारे पुलिस कर्मियों के नाम मुझे याद नहीं हैं। लेकिन अगर कोई पता करेगा तो पता चल जाएगा। थानेदार का सरनेम चौधरी था। और एसआई का नाम रामलाल था। वहां और भी पुलिसकर्मी थे। घटनाक्रम से जुड़ी मूल खबर यहां पढ़ें सुसाइड नोट में लिखा-पत्नी और सास-साली मेरी मौत की जिम्मेदार:इंदौर में इवेंट फोटोग्राफर ने फांसी लगाई; 5 साल पहले लव मैरिज की थी इंदौर के बाणगंगा इलाके में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें पत्नी, सास और सालियों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। पुलिस के मुताबिक नितिन (28) पुत्र बाबूलाल पडियार, निवासी यादव नंद नगर को सोमवार रात परिवार के सदस्यों ने फंदे पर लटका हुआ पाया। बताया जा रहा है कि नितिन ने करीब 5 साल पहले हर्षा नाम की युवती से लव मैरिज की थी। हर्षा वर्तमान में अपने मायके में रह रही है और कोर्ट में तलाक का केस चल रहा है। परिवार का आरोप है कि पत्नी भरण-पोषण के अलावा उससे 30 लाख रुपए मांग रही थी। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पढ़ाई के दौरान मिले, लिव-इन में रहे फिर शादी की