पैरोल पर बाहर आया कैदी बना बॉलीवुड एक्टर, 12 साल बाद पुलिस ने दबोचा
पैरोल पर बाहर आया कैदी बना बॉलीवुड एक्टर, 12 साल बाद पुलिस ने दबोचा
मुंबई । मुंबई फिल्म इंडस्ट्री यानी बॉलीवुड की चकाचौंध में पिछले 12 सालों से अपनी असली पहचान छुपाकर काम कर रहे एक शातिर हत्यारे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी ने अमिताभ बच्चन, आमिर खान, रणवीर सिंह और इमरान हाशमी जैसे दिग्गज अभिनेताओं की फिल्मों में काम किया था। अहमदाबाद की क्राइम डिटेक्शन ब्रांच (DCB) ने इस चौंकाने वाले मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 'हेमंत मोदी' के नाम से काम कर रहा यह शख्स वास्तव में गुजरात का एक मोस्ट वॉन्टेड क्रिमिनल है।
2005 के हत्याकांड में मिली थी उम्रकैद
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस अपराधी का असली नाम 'हेमंत नागिनदास पुरुषोत्तम मोदी' है। हेमंत ने 15 जून 2005 को 'नरेंद्र उर्फ नैनो यशवंत कांबले' नाम के व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी थी। साल 2008 में अदालत ने उसे इस मर्डर का दोषी पाते हुए उसके भाई सचिन मोदी और पांच अन्य लोगों के साथ आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी।
सजा के दौरान उसने शुरुआती छह साल साबरमती सेंट्रल जेल में और फिर मेहसाणा जेल में कैदी नंबर 31146 के रूप में बिताए। इसके बाद 25 जुलाई 2014 को गुजरात हाईकोर्ट ने उसे 30 दिनों की पैरोल दी थी, जिसका फायदा उठाकर वह जेल से फरार हो गया।
दो बार बदली पहचान, ऐसे पहुंचा मायानगरी
जेल से भागने के बाद हेमंत ने बड़ी चालाकी से अपनी पहचान छुपाने के लिए दो बार नाम बदले। शुरुआत में वह करीब एक साल तक पाटन जिले में छुपा रहा। इसके बाद उसने अपना नाम बदलकर 'ट्विंकल मुकुंद दवे' रख लिया और अहमदाबाद जाकर एक कॉर्पोरेट कंपनी में नौकरी करने लगा।
सिनेमा जगत का आकर्षण उसे मुंबई खींच लाया, जहां उसने अपना नाम 'हेमंत मोदी' रख लिया। मुंबई के सेट पर रोजाना आने-जाने वाले हजारों जूनियर आर्टिस्ट्स और कलाकारों की भीड़ में किसी को भी उस पर शक नहीं हुआ और वह धीरे-धीरे बड़ी फिल्मों का हिस्सा बन गया।
इन बड़ी फिल्मों और सीरियल्स में किया काम
पुलिस जांच में सामने आया है कि हेमंत मोदी ने साल 2018 में आई आमिर खान और अमिताभ बच्चन की स्टारर फिल्म 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' में अभिनय किया था। इसके अलावा वह रणवीर सिंह की 'जयेशभाई जोरदार' और सारा अली खान की आगामी फिल्म 'मेट्रो इन दिनों' में भी नजर आया। उसने हिंदी ही नहीं, बल्कि मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'एल-2: एम्पुरान' में भी काम किया।
आने वाले समय में वह सनी देओल की 'लाहौर: 1947' और 'तू है मेरी किरण' जैसी फिल्मों का भी हिस्सा था। इसके अतिरिक्त उसने 20 गुजराती फिल्मों, कई टीवी सीरियल्स और 'तस्करी' नाम की वेब सीरीज में भी काम किया।
अहमदाबाद लौटते ही खुला राज
गिरफ्तारी से बचने के लिए हेमंत ने अपने परिवार से पूरी तरह नाता तोड़ लिया था और वह सोशल मीडिया से भी दूर रहता था। एक दशक से अधिक समय बीतने के बाद, जब वह साल 2025 में अहमदाबाद लौटा, तो उसे लगा कि अब सब पुराना मामला भूल चुके होंगे। लेकिन वहां एक जागरूक व्यक्ति ने उसे पहचान लिया और तुरंत पुलिस को इत्तला कर दी।
पुलिस ने जब जेल के पुराने रिकॉर्ड खंगाले तो उंगलियों के निशान और विवरण मैच हो गए, जिसके बाद उसे गुरुवार को दबोच लिया गया। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इतने सालों तक मुंबई में उसे छुपने में किसने मदद की थी।







