ट्रंप-नेतन्याहू पर बड़ा बयान! ईरान में 500 करोड़ के इनाम वाला कानून लाने की तैयारी

ट्रंप-नेतन्याहू पर बड़ा बयान! ईरान में 500 करोड़ के इनाम वाला कानून लाने की तैयारी

ट्रंप-नेतन्याहू पर बड़ा बयान! ईरान में 500 करोड़ के इनाम वाला कानून लाने की तैयारी

नई दिल्ली । मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण तनाव के बीच ईरान से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। ईरानी संसद (Majlis) में अब एक ऐसे अभूतपूर्व कानून पर बहस चल रही है, जिसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या करने वाले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी-भरकम इनाम दिया जाएगा। इसी साल 28 फरवरी को ईरान पर हुए एक भीषण हमले में सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद से दोनों पक्षों के बीच कड़वाहट और प्रतिशोध की आग चरम पर पहुंच चुकी है।

ईरानी संसद में लाया जा रहा है प्रतिशोध का कानून

ब्रिटिश अखबार 'द टेलीग्राफ यूके' की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति इस खतरनाक कानूनी मसौदे (Bill) को अंतिम रूप देने में जुटी है। इस कानून को "इस्लामिक गणराज्य की सैन्य और सुरक्षा बलों द्वारा जवाबी कार्रवाई" का नाम दिया गया है।

इस प्रस्तावित कानून के तहत डोनाल्ड ट्रंप की हत्या करने वाले किसी भी व्यक्ति को ईरान सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर 50 मिलियन यूरो (लगभग 5.3 करोड़ डॉलर) का इनाम देने के प्रस्ताव को विधिक (कानूनी) रूप दिया जाएगा।

'जुएबाज ट्रंप और बच्चों के हत्यारे नेतन्याहू को जहन्नुम भेजेंगे'

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के उपाध्यक्ष महमूद नबावियन ने इस मामले पर बेहद तीखा और आक्रामक बयान दिया है। उन्होंने 'ज्यूइश क्रॉनिकल' से बात करते हुए साफ कहा कि संसद जल्द ही एक महा-इनाम के प्रस्ताव पर मतदान (Voting) करने जा रही है। नबावियन ने खुले शब्दों में कहा, "यह वैश्विक इनाम उस जांबाज को दिया जाएगा, जो जुएबाज ट्रंप और बच्चों के हत्यारे नेतन्याहू को हमेशा के लिए जहन्नुम (नरक) की राह दिखा देगा।"

खामेनेई की मौत के बाद आर-पार की जंग (The Trigger point)

ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने इस आक्रामकता की मुख्य वजह का खुलासा किया है। उनके मुताबिक, ईरान सरकार आधिकारिक तौर पर डोनाल्ड ट्रंप, बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एडमिरल ब्रैड कूपर को 28 फरवरी के उस हवाई हमले का मुख्य सूत्रधार मानती है, जिसमें ईरान के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता अली खामेनेई मारे गए थे।

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अब तक इस तरह के फरमान या धमकियां केवल धार्मिक फतवों और सरकारी प्रोपेगैंडा तक सीमित थीं, लेकिन अब इसे सीधे संसदीय कार्रवाई (Formal Parliamentary Action) का हिस्सा बनाकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के सारे नियम तोड़ दिए गए हैं।

करोड़ों डॉलर के फंड और पिछली धमकियां

यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के निशाने पर आए हैं। इससे पहले साल 2020 में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की अमेरिकी ड्रोन हमले में हुई मौत के बाद से ही ईरान लगातार प्रतिशोध की कसम खा रहा है। हालिया घटनाक्रमों के बाद ट्रंप को निशाना बनाने के लिए सरकारी और अर्ध-सरकारी गुटों द्वारा बड़े पैमाने पर ऑनलाइन क्राउडफंडिंग अभियानों के जरिए फंड इकट्ठा करने की खबरें हैं:

    'ब्लड कोवेनेंट' अभियान: इस कट्टरपंथी अभियान ने ट्रंप पर हमले के लिए कथित तौर पर 27 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम जुटा ली है।
    'हंदाला' हैकर ग्रुप: 'ईरान वायर' की रिपोर्ट के अनुसार, इस कुख्यात ईरानी हैकिंग ग्रुप ने ट्रंप और नेतन्याहू दोनों को खत्म करने वाले के लिए 50 मिलियन डॉलर के इनाम का दावा किया है।

क्षेत्रीय देशों को चेतावनी और ट्रंप का कड़ा रुख

ईरानी सांसद नबावियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर चेतावनी दी है कि यदि ईरान या उसके सैन्य कमांडरों के खिलाफ भविष्य में कोई भी सैन्य कदम उठाया गया, तो इसका खामियाजा न केवल अमेरिका और इजरायल को भुगतना होगा, बल्कि उन क्षेत्रीय अरब देशों (Middle Eastern Arab Governments) को भी निशाना बनाया जाएगा जो पर्दे के पीछे से पश्चिमी ताकतों की मदद कर रहे हैं।