शनिचरी बाजार में खाकी के खिलाफ फूटा गुस्सा
शनिचरी बाजार में खाकी के खिलाफ फूटा गुस्सा
बिलासपुर। शनिचरी बाजार में सड़क किनारे फल ठेला लगाकर गुजर-बसर करने वाले गरीब दुकानदारों पर सोमवार को खाकी का कहर टूटा। करीब 11 बजे ट्रैफिक पुलिस के आरक्षक मुकेश दुबे द्वारा फल ठेला चालक मोनू साहू को दौड़ा-दौड़ाकर बेदर्दी से पीटा और गाली-गलौज किया। पीड़ित कलेक्टर व एसएसपी से मामले की शिकायत की है।
पीड़ित फलठेला चालक मोनू साहू सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, उन्होंने बताया कि किस तरह आरक्षक मुकेश दुबे ने उन्हें इतनी बेरहमी से लाठियों और हाथों से पीटा। मारपीट से शरीर पर डंडे के गहरे निशान भी दिखाए साथ ही हाथ के पंजे से खून निकलने लगा। इस प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित मोनू साहू, राहुल साहू, धरम राम, प्रीत और सुकलाल साहू सहित आधा दर्जन ठेला चालकों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह से न्याय की गुहार लगाने पहुंचे।
पीड़ित दुकानदारों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस की रोज-रोज की प्रताड़ना और बर्बरता से उनका धंधा करना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों ने आवेदन में साफ तौर पर यह मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सरेआम गुंडागर्दी करने वाले आरोपित पुलिसकर्मियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, बाजार क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और गरीबों को बिना डरे व्यापार करने का माहौल देने के लिए दोनों आरोपित पुलिसकर्मियों का तत्काल यहां से स्थानांतरण किया जाए। पीड़ित दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
पीड़ित ठेला वालों ने डीएसपी के ड्राइवर दुर्गा निर्मलकर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। दुकानदारों के मुताबिक, दुर्गा बिना यूनिफार्म के कभी भी आकर गाली-गलौज करता है और पुलिस से पंगा मत लेना कहकर धमकाता है। कुछ दिन पहले उसने राहुल साहू को इतना पीटा था कि उसका पैर फ्रैक्चर हो गया और इलाज में डेढ़ लाख खर्च हुए।








