अब आपके पास भी है बीमारी का प्रकोप रोकने की ताकत, संदिग्ध मामलों की सूचना सीधे सरकार तक पहुंचाएं

अब आपके पास भी है बीमारी का प्रकोप रोकने की ताकत, संदिग्ध मामलों की सूचना सीधे सरकार तक पहुंचाएं

अब आपके पास भी है बीमारी का प्रकोप रोकने की ताकत, संदिग्ध मामलों की सूचना सीधे सरकार तक पहुंचाएं

किसी गांव, मोहल्ले या बस्ती में एक जैसी बीमारी के दो या अधिक मामले दिखें तो IHIP पोर्टल पर दें जानकारी, स्वास्थ्य विभाग करेगा तत्काल जांच

रायपुर । किसी गांव, मोहल्ले या बस्ती में यदि अचानक एक जैसी बीमारी के दो या अधिक मामले सामने आने लगें, तो यह किसी संभावित रोग प्रकोप (Outbreak) का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को ही होती है। अब आम नागरिक भी ऐसी संदिग्ध स्वास्थ्य घटनाओं की सूचना सीधे भारत सरकार के एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच (IHIP) पर दर्ज कर सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग समय रहते जांच कर आवश्यक नियंत्रण उपाय शुरू कर सके।

जनभागीदारी को बढ़ावा देने और रोगों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के अंतर्गत इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) पर सामुदायिक आधारित रोग निगरानी (Community Based Surveillance) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से कोई भी नागरिक अपने आसपास दिखाई देने वाली किसी असामान्य बीमारी अथवा संभावित रोग प्रकोप की सूचना सीधे ऑनलाइन दर्ज कर सकता है।

पोर्टल पर सूचना दर्ज करते समय सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, आयु, लिंग, पता तथा व्यवसाय जैसी सामान्य जानकारी के साथ घटना की तिथि, स्थान, बीमारी अथवा स्वास्थ्य संबंधी समस्या का संक्षिप्त विवरण दर्ज करना होता है। यदि घटना से संबंधित कोई फोटो या अन्य दस्तावेज उपलब्ध हों, तो उन्हें भी प्रमाण के रूप में अपलोड किया जा सकता है। सभी अनिवार्य जानकारी भरने के बाद मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी से सत्यापन करने पर सूचना संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों तक पहुंच जाती है। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना देने वाले व्यक्ति से भी संपर्क कर सकते हैं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी संक्रामक बीमारी के फैलाव को रोकने में समय पर सूचना मिलना सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। प्रारंभिक स्तर पर मिली सूचना से स्वास्थ्य विभाग शीघ्र जांच, सैंपल संग्रह, उपचार और आवश्यक नियंत्रण उपाय शुरू कर सकता है, जिससे बीमारी को बड़े प्रकोप या महामारी का रूप लेने से रोका जा सकता है। सामुदायिक निगरानी न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाती है, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से पूरे समाज की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल सत्य, तथ्यात्मक एवं जिम्मेदारीपूर्ण जानकारी ही पोर्टल पर दर्ज करें। अफवाहों, अपुष्ट सूचनाओं या भ्रामक जानकारी से बचें, ताकि स्वास्थ्य तंत्र वास्तविक घटनाओं पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर सके।

यदि आपके आसपास किसी गांव, मोहल्ले या बस्ती में अचानक एक जैसी बीमारी के दो या अधिक मामले दिखाई दें, तो उसकी सूचना https://ihip.mohfw.gov.in/cbs/#/ पर अवश्य दें। आपकी समय पर दी गई एक सूचना अनेक लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकती है और संभावित महामारी को प्रारंभिक स्तर पर ही रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।