सकल हिंदू समाज का बांग्लादेश हिंसा के विरोध में आंदोलन:ग्रामीणों ने भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ किया, कहा- हम एकजुट होकर संघर्ष करेंगे

विदिशा जिले के ग्रामीण इलाकों में सोमवार रात सकल हिंदू समाज ने आंदोलन किया। ये आंदोलन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे लगातार हमलों और इस्कॉन मंदिर के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के विरोध में किया गया। ग्रामीणों ने 2 दिसंबर को हिंदुओं को एकजुट होकर मंदिरों में भजन कीर्तन करने का आह्वान किया था। सोमवार रात को ग्रामीण मंदिरों में इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने भजन कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान भगवान से बांग्लादेश सरकार की सद्बुद्धि की प्रार्थना की गई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर संघर्ष करने का लिया संकल्प ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि हिंदू समाज के अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में महीनों से हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, उनकी दुकानें जलाई जा रही हैं, महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया जा रहा है और हिंदुओं की हत्या हो रही है। ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि बांग्लादेश के लोग जिस भाषा में समझते हैं उन्हें उस भाषा में समझाया जाए।

सकल हिंदू समाज का बांग्लादेश हिंसा के विरोध में आंदोलन:ग्रामीणों ने भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ किया, कहा- हम एकजुट होकर संघर्ष करेंगे
विदिशा जिले के ग्रामीण इलाकों में सोमवार रात सकल हिंदू समाज ने आंदोलन किया। ये आंदोलन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे लगातार हमलों और इस्कॉन मंदिर के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के विरोध में किया गया। ग्रामीणों ने 2 दिसंबर को हिंदुओं को एकजुट होकर मंदिरों में भजन कीर्तन करने का आह्वान किया था। सोमवार रात को ग्रामीण मंदिरों में इकट्ठा हुए, जहां उन्होंने भजन कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान भगवान से बांग्लादेश सरकार की सद्बुद्धि की प्रार्थना की गई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर संघर्ष करने का लिया संकल्प ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि हिंदू समाज के अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में महीनों से हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, उनकी दुकानें जलाई जा रही हैं, महिलाओं के साथ दुष्कर्म किया जा रहा है और हिंदुओं की हत्या हो रही है। ग्रामीणों ने सरकार से अपील की है कि बांग्लादेश के लोग जिस भाषा में समझते हैं उन्हें उस भाषा में समझाया जाए।