छत्तीसगढ़ में मौसम का अलर्ट: जून के पहले 5 दिन भारी, कई जिलों में ऑरेंज चेतावनी

छत्तीसगढ़ में मौसम का अलर्ट: जून के पहले 5 दिन भारी, कई जिलों में ऑरेंज चेतावनी

छत्तीसगढ़ में मौसम का अलर्ट: जून के पहले 5 दिन भारी, कई जिलों में ऑरेंज चेतावनी

रायपुर। भीषण गर्मी का सामना कर रहे छत्तीसगढ़ के लोगों को आने वाले दिनों में राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मेघगर्जन, तेज हवाएं, वज्रपात और वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा।

रायपुर में बादल, बारिश और अंधड़ के संकेत

सोमवार को रायपुर में आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना जताई गई है। साथ ही गरज-चमक, अंधड़ और बारिश के आसार बने हुए हैं। शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट हो सकती है।

कई जिलों में दर्ज हुई वर्षा

रविवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। पेंड्रारोड में सर्वाधिक 70 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि बलौदा और महासमुंद में 10-10 मिलीमीटर बारिश हुई। अन्य क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई।

सामान्य से कम रहा तापमान

अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.2 डिग्री कम रहा। बिलासपुर का अधिकतम तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया। पेंड्रारोड में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री और न्यूनतम 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं रायपुर में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

60 किमी प्रतिघंटा तक चल सकती है हवा

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है। इसके अलावा 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। अगले दो दिनों तक 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवाएं और हल्की बारिश जारी रह सकती है।

चक्रवाती परिसंचरण का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार विदर्भ और उत्तरी तेलंगाना क्षेत्र के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तथा उससे जुड़ी द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव आया है। इसी वजह से बादल, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ी हैं।

राजस्थान में फिर उठा रेत का बवंडर

उधर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के जैसलमेर में रविवार शाम एक बार फिर रेत का बवंडर देखा गया। मोहनगढ़ और सुल्ताना क्षेत्र से उठे इस बवंडर के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बीकानेर और चूरू के कुछ हिस्सों में भी रेत के बवंडर की घटनाएं सामने आईं।