CG हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, लंबी दूरी की दैनिक ड्यूटी को बताया अव्यावहारिक
CG हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, लंबी दूरी की दैनिक ड्यूटी को बताया अव्यावहारिक
बिलासपुर। हाईकोर्ट ने एक शासकीय टेक्नीशियन को रोजाना 111 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए उसे बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि इतनी लंबी दूरी तय कर प्रतिदिन ड्यूटी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, और यह कर्मचारी के कार्य प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।यह आदेश जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ ने राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर में पदस्थ टेक्नीशियन संग्राम राम बंजारे की याचिका पर दिया।
याचिकाकर्ता को 17 अप्रैल 2026 के आदेश से अंबिकापुर से कुनकुरी (जिला जशपुर) मेडिकल कॉलेज अटैच किया गया था, जिसकी वैधता को उन्होंने चुनौती दी। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि रोजाना लगभग 222 किलोमीटर (आना-जाना) यात्रा करना मानसिक और शारीरिक रूप से असंभव है, जिससे न केवल कर्मचारी बल्कि अस्पताल सेवाएं भी प्रभावित होंगी।
अधिवक्ता ने इसे मनमाना और अव्यावहारिक आदेश बताया। हाई कोर्ट की टिप्पणी और निर्देशहाई कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक आदेश यदि कर्मचारी के लिए असाधारण कठिनाई उत्पन्न करते हैं और कार्यक्षमता प्रभावित करते हैं, तो उन पर पुनर्विचार आवश्यक है। इसी आधार पर 17 अप्रैल 2026 के ट्रांसफर-अटैचमेंट आदेश के प्रभाव पर रोक लगा दी गई। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता पूर्ववत अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में ही कार्यरत रहेंगे। राज्य शासन की ओर से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई 8 जुलाई 2026 निर्धारित की है।







