भयानक बस हादसा: नींद खुली तो पैर फंसे थे, चारों तरफ खून ही खून—रीता की आपबीती
भयानक बस हादसा: नींद खुली तो पैर फंसे थे, चारों तरफ खून ही खून—रीता की आपबीती
रायपुर। 56 साल की स्वास्थ्य कर्मी रीता दास शुक्रवार सुबह काम पर जाने निकली थीं। वह ड्यूटी के लिए रायपुर के टाटीबंध से नांदघाट जा रही थीं। रीता बस में आगे की सीट पर बैठी थीं और सफर में उन्हें नींद आ गई थी। तभी जोरदार टक्कर हुई। टक्कर इतनी तेज थी कि रीता को कुछ भी समझ नहीं आया।
जब उनकी नींद खुली, तो वे बस के मलबे में फंसी थीं। दोनों पैर आगे की तरफ फंसे थे और वह हिल भी नहीं पा रही थीं। बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो चुकी थी। लोगों के रोने और दर्द से कराहने की आवाजें आ रही थीं। लोग मदद के लिए भाग रहे थे। कुछ देर बाद लोगों ने किसी तरह रीता को सुरक्षित बाहर निकाला।
रीता बताती हैं कि जब उन्होंने बस से बाहर निकलकर मुड़कर देखा तो अंदर का नजारा बहुत डरावना था। बस के अंदर खून से लथपथ लोग पड़े थे। स्थानीय लोग फंसे यात्रियों को निकालने की कोशिश कर रहे थे।
रायपुर लाए गए घायलों में से बेमेतरा की रहने वाली चंचल साहू नाम की लड़की की मौत हो गई। चंचल बेमेतरा के वार्ड क्रमांक 15 की रहने वाली थीं और बिलासपुर के बिलासा कन्या महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थीं। वह शुक्रवार को पढ़ाई के लिए बिलासपुर जाने घर से निकली थीं।
चंचल ने पहले बेमेतरा से सिमगा तक का सफर तय किया और सुबह 10.30 बजे सिमगा पहुंचीं। वहां से उन्होंने बिलासपुर जाने के लिए दूसरी बस पकड़ी। बस में बैठने के बाद पिता ललित साहू को फोन किया और बताया कि वह बस में बैठ गई हैं और अब निकल रही हैं।
पिता ललित साहू बताते हैं कि अपनी बेटी से उनकी यह आखिरी बातचीत थी। थोड़ी देर बाद ही रास्ते में उन्हें बस दुर्घटना की खबर मिली। पिता ललित साहू बताते हैं कि यह उनकी बड़ी बेटी थी। एक छोटी बेटी आंचल साहू है। जो बेमेतरा में ही पढ़ाई कर रही है।
इस हादसे में आठ साल का एक छोटा बच्चा गौरव निर्मलकर भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। हादसे में गौरव के सिर पर गहरी चोट लगी है। आंबेडकर अस्पताल में उसकी बिगड़ती हालत को देखकर उसे तुरंत रायपुर के डीकेएस अस्पताल भेज दिया है। वहां न्यूरो और पीडियाट्रिक सर्जन के डाक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। डाक्टरों का कहना है कि बच्चे की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
इनके अलावा आंबेडकर अस्पताल में चार अन्य लोगों का इलाज चल रहा है। इनमें 25 साल के सैयद रहमत को आक्सीजन पर रखा गया है। 55 साल के पुराणिक लाल, घटना बताने वाली 56 साल की रीता दास और 25 साल के राज निर्मलकर भी यहीं भर्ती हैं। चिकित्सा दल ने बताया है कि ये चारों लोग अब खतरे से बाहर हैं। पुलिस जांच कर रही है कि दुर्घटना कैसे हुई।
यह दर्दनाक सड़क हादसा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 130 पर हुआ। जानकारी के अनुसार दरचुरा के पास तेज रफ्तार ट्रक ने यात्री बस को टक्कर मार दी। इसमें पांच लोगों की जान चली गई। जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने लोगों की मदद से सभी घायलों को बस से निकाला और नजदीकी अस्पताल भेजा। गंभीर रूप से घायल छह लोगों को सिमगा से रायपुर के आंबेडकर अस्पताल लाया गया।







