इजराइल ने खामेनेई को मारने के लिए तेहरान के ट्रैफिक कैमरे और मोबाइल नेटवर्क हैक किया
इजराइल ने खामेनेई को मारने के लिए तेहरान के ट्रैफिक कैमरे और मोबाइल नेटवर्क हैक किया
नई दिल्ली । ईरान की राजधानी तेहरान में लगे ट्रैफिक कैमरों को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल ने इन कैमरों को हैक कर ईरान के सुप्रीम लीडर और शीर्ष अधिकारियों की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारी जुटाई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने तेहरान के बड़े ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क में सेंध लगाकर ईरानी नेतृत्व की मूवमेंट पर नजर रखी। बताया गया है कि इन कैमरों के जरिए बॉडीगार्ड्स की गतिविधियों, उनकी पार्किंग लोकेशन, शेड्यूल और तैनाती से जुड़ी जानकारियां इकट्ठा की गईं।
कैमरे सरकार के निगरानी तंत्र का हिस्सा हैं
बताया जा रहा है कि ईरान में लगे ये कैमरे सरकार के निगरानी तंत्र का हिस्सा हैं, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर प्रदर्शनकारियों और विरोधियों की पहचान के लिए किया जाता है। लेकिन रिपोर्ट में दावा है कि इन्हीं कैमरों का उपयोग इजरायली खुफिया एजेंसियों ने ईरानी नेतृत्व की ट्रैकिंग के लिए किया।
मोबाइल सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित की गई थीं
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तेहरान की एक प्रमुख सड़क पर मोबाइल सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित की गई थीं, ताकि संभावित अलर्ट या चेतावनी संदेश सुरक्षा कर्मियों तक न पहुंच सकें। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एल्गोरिदम का इस्तेमाल किया गया
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी दी गई है कि एकत्रित डेटा को छांटने और विश्लेषण करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एल्गोरिदम का इस्तेमाल किया गया। इससे संबंधित अधिकारियों की गतिविधियों को ट्रैक करने में मदद मिली।
फिलहाल इन दावों को लेकर आधिकारिक स्तर पर कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।







