फुलबासन बाई अपहरण मामला: कांग्रेस ने गृहमंत्री से इस्तीफा मांगा
फुलबासन बाई अपहरण मामला: कांग्रेस ने गृहमंत्री से इस्तीफा मांगा
रायपुर । राजनांदगांव में पद्मश्री फुलबासन बाई के अपहरण की कोशिश मामले में कांग्रेस ने गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब पद्मश्री सम्मानित महिला ही सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और हालात चिंताजनक बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल में 7,146 दुष्कर्म के मामले सामने आए हैं। औसतन हर दिन 8-9 घटनाएं हो रही हैं, यानी हर तीन घंटे में एक महिला दुराचार का शिकार हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि नाबालिग बच्चियों, खासकर आदिवासी क्षेत्रों में, अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं। आश्रम स्कूलों में भी गंभीर मामले सामने आने का आरोप लगाया गया है। कई मामलों में पीड़ित जब थाने पहुंचते हैं, तो कार्रवाई के बजाय उन्हें ही डराया-धमकाया जाता है। उनका कहना है कि इससे पीड़ितों का भरोसा सिस्टम पर कमजोर हो रहा है।
सरकार पर लापरवाही का आरोप
सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर उदासीनता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा गया कि गृह मंत्री चुनावी व्यस्तताओं में रहे और मुख्यमंत्री अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त रहे, जबकि अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।
नशे के कारोबार पर भी निशाना
उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध नशे का कारोबार बढ़ रहा है और इससे अपराध में इजाफा हो रहा है। कोकीन, ड्रग्स, नशे की दवाओं की खुलेआम बिक्री का दावा करते हुए कहा गया कि इससे युवाओं और नाबालिगों पर बुरा असर पड़ रहा है।
कांग्रेस ने मांग की है कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ठोस कदम उठाए और कानून-व्यवस्था को मजबूत करें।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, बेमेतरा निवासी खुशबू साहू अपने तीन साथियों (एक महिला और दो पुरुष) के साथ मंगलवार सुबह करीब 10 बजे फूलबासन बाई (56) के घर पहुंची। उन्होंने 'जरूरी चर्चा' का बहाना बनाकर फूलबासन बाई को घर से बाहर बुलाया। उनके साथ फोटो खिंचवाने और बर्थडे मनाने की बात कहकर अपनी कार में बैठा लिया।
कार के आगे बढ़ते ही आरोपियों ने फूलबासन बाई के हाथ-पैर बांध दिए और उनके मुंह पर गमछा लपेट दिया, जिससे वे शोर न मचा सकें। किडनैपर्स खैरागढ़ के रास्ते से भागने की कोशिश कर रहे थे। चिखली पुलिस चौकी के पास रूटीन चेकिंग कर रही पुलिस टीम ने शक होने पर उनकी कार को रोक दिया।
‘मिर्गी’ पड़ने का बहाना बनाया
पुलिस को देखकर आरोपियों ने बताया कि, गाड़ी में बैठी महिला को मिर्गी का दौरा पड़ा है। वे उन्हें हॉस्पिटल ले जा रहे हैं। हालांकि, चेकिंग कर रहे एक पुलिसकर्मी ने फूलबासन बाई को पहचान लिया।
उनकी हालत देखकर पुलिस का शक गहराया और सभी आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
फूलबासन बाई के संपर्क में थी खुशबू
पुलिस जांच में सामने आया है कि, मुख्य आरोपी खुशबू साहू पिछले 4-5 महीनों से फूलबासन बाई के संपर्क में थी। खुशबू साहू खुद सहायता समूहों से भी जुड़ी है। उस पर बेमेतरा इलाके में रोजगार ट्रेनिंग के नाम पर महिलाओं से अवैध वसूली के आरोप भी है।
पुलिस को आशंका है कि, यह अपहरण किसी बड़ी आर्थिक उगाही या आपराधिक साजिश का हिस्सा हो सकता है। उन पर हुए इस हमले के बाद सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
फुलबासन बाई को उचित सुरक्षा दी जाए- देवेंद्र यादव
वहीं कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की शान, पद्मश्री सम्मानित फुलबासन बाई के साथ अपहरण की कोशिश बेहद चिंताजनक है। यह घटना साफ दर्शाती है कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब एक पद्मश्री सम्मानित महिला खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं, तो आम बहनों-बेटियों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आरोपियों से पूछताछ कर रही पुलिस
गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि, क्या इस साजिश के पीछे कोई और बड़ा चेहरा या गिरोह शामिल है। ये चिखली और सुकुलदैहान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई थी।







