पुलिस का शिकंजा, हिस्ट्रीशीटर की 7.66 करोड़ की संपत्ति सील
पुलिस का शिकंजा, हिस्ट्रीशीटर की 7.66 करोड़ की संपत्ति सील
रायपुर। रायपुर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर और गांजा तस्कर रवि साहू की 7 करोड़ 66 लाख की चल-अचल संपत्तियां सीज कर दी है। आरोपी ने पत्नी, मां और बेटे के नाम 16 प्रॉपर्टी खरीदी थी, जिसमें कृषि भूमि, मकान, प्लॉट, भवन और कमर्शियल वाहन शामिल हैं।
सक्षम अधिकारी मुंबई ने संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश को कन्फर्म कर दिया है। यह कार्रवाई SAFEMA और NDPS एक्ट के तहत की गई है। वहीं रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में NDPS एक्ट के तहत यह पहली बड़ी वित्तीय कार्रवाई मानी जा रही है।
पुलिस के मुताबिक रवि साहू गांधीनगर कालीबाड़ी इलाके का रहने वाला है। 17 किलो 882 ग्राम गांजा तस्करी मामले में विशेष NDPS कोर्ट उसे पहले ही 10 साल के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुना चुकी है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रवि साहू के खिलाफ प्रदेश के अलग-अलग थानों में कुल 55 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से रायपुर समेत कई जिलों में गांजा तस्करी का नेटवर्क चला रहा था।
पत्नी, मां और बेटे के नाम पर खरीदी प्रॉपर्टी
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी रवि साहू ने अवैध कमाई से अपनी पत्नी शशि साहू, मां और बेटे के नाम पर करोड़ों की संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें रायपुर और अभनपुर क्षेत्र की कृषि भूमि, मकान, प्लॉट, भवन और कमर्शियल वाहन शामिल हैं।
वित्तीय जांच में इन संपत्तियों का मूल्य आरोपी की वैध आय से कहीं ज्यादा पाया गया। इसके बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव SAFEMA कोर्ट मुंबई भेजा था। ऑनलाइन सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष संपत्तियों के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
पुलिस ने कुल 16 संपत्तियों को सीज किया है। अब सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री या ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। डीसीपी सेंट्रल उमेश गुप्ता ने कहा कि नशे के कारोबारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
SAFEMA कोर्ट के बारे में जानिए
SAFEMA कोर्ट ऐसी कानूनी व्यवस्था है जहां तस्करी, हवाला या विदेशी मुद्रा घोटाले जैसे मामलों में कमाई गई अवैध संपत्ति की जांच और सुनवाई होती है। अगर सरकार को लगता है कि किसी व्यक्ति ने गलत तरीके से पैसा कमाकर संपत्ति बनाई है, तो उस संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई SAFEMA कानून के तहत की जाती है।







