देश के चर्चित मर्डर केस की कहानी OTT पर लौटी
देश के चर्चित मर्डर केस की कहानी OTT पर लौटी
मुंबई । अमेजन प्राइम वीडियो की वेब सीरीज ‘राख’ इन दिनों दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। आठ एपिसोड की इस सीरीज ने एक ऐसी घटना को फिर सामने ला दिया है, जिसने साल 1978 में पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। कहानी दो बच्चों की है, जिनके सपने उड़ान भरने से पहले ही एक दर्दनाक हादसे ने छीन लिए।
दो बच्चों की कहानी ने झकझोर दिया था देश
‘राख’ की कहानी 1978 के चर्चित रंगा-बिल्ला केस से प्रेरित है। सीरीज में बच्चों के नाम सुमन और साहिल रखे गए हैं, लेकिन असल घटना दिल्ली के गीता चोपड़ा और उनके छोटे भाई संजय चोपड़ा से जुड़ी है। दोनों बच्चे भारतीय नौसेना के अधिकारी कैप्टन मदन मोहन चोपड़ा के बच्चे थे और दिल्ली के धौला कुआं इलाके में रहते थे।
गीता चोपड़ा की उम्र 16 साल और संजय चोपड़ा की उम्र 13 साल थी। 26 अगस्त 1978 की शाम गीता को ऑल इंडिया रेडियो के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘युवा वाणी’ में हिस्सा लेने जाना था। इसी दौरान रास्ते में दोनों भाई-बहन रहस्यमय तरीके से लापता हो गए।
पुलिस जांच और अपराधियों तक पहुंचने की कहानी
सीरीज में अली फजल सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश (जेपी) की भूमिका में नजर आ रहे हैं। कहानी में दिखाया गया है कि पुलिस टीम किस तरह सुराग जुटाकर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश करती है।
वेब सीरीज में बाबू और राज्जो नाम के दो खतरनाक अपराधियों को दिखाया गया है, जो असल जिंदगी के चर्चित अपराधियों रंगा और बिल्ला से प्रेरित हैं। सीरीज सिर्फ अपराध की घटना तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पुलिस जांच, अपराधियों की सोच और पीड़ित परिवार के दर्द को भी सामने लाती है।
गीता और संजय की घटना आज भी करती है भावुक
इस घटना के कुछ दिनों बाद दोनों बच्चों की बॉडी मिलने से पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। इस दर्दनाक मामले ने सुरक्षा और अपराध को लेकर कई सवाल खड़े किए थे।
‘राख’ में बच्चों के किरदार दिव्या शर्मा और विवान शर्मा ने निभाए हैं। दोनों की एक्टिंग को दर्शकों से काफी सराहना मिल रही है। सीरीज ने एक बार फिर उस घटना को याद दिलाया है, जिसमें दो मासूम बच्चों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई थी।








