तेलीबांधा थाने के सामने सड़क पर बजरंग दल का चक्काजाम

तेलीबांधा थाने के सामने सड़क पर बजरंग दल का चक्काजाम

तेलीबांधा थाने के सामने सड़क पर बजरंग दल का चक्काजाम

रायपुर में बजरंग दल ने तेलीबांधा पुलिस स्टेशन के सामने चक्काजाम कर दिया है। मौके पर फोर्स तैनात है।छत्तीसगढ़ बंद के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रायपुर के मैग्नेटो मॉल में हंगामा किया और तोड़फोड़ की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। विरोध में बजरंग दल ने तेलीबांधा पुलिस स्टेशन के सामने चक्काजाम कर दिया है। बजरंग दल ने सड़क पर हवन कर मौके पर 2 ASP, 4 CSP और 12 से ज्यादा थाना प्रभारी समेत अतिरिक्त बल मौजूद हैं। मंदिर हसौद और एयरपोर्ट से रायपुर शहर की ओर आने वाले ट्रैफिक को तेलीबांधा चौक के पास नेशनल हाईवे की ओर डायवर्ट कर दिया गया है।

वहीं बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा कि उन्होंने मॉल में तोड़फोड़ नहीं की। सजावट को हुए नुकसान पर इतना बड़ा एक्शन लेना गलत है। वे इसका विरोध कर रहे हैं। आज का विरोध प्रदर्शन उनकी योजना का हिस्सा था। हम उस पुलिस स्टेशन को घेर रहे हैं, जहां FIR दर्ज की गई है।

बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा कि मॉल में तोड़फोड़ की शिकायत के बाद उनके कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जबकि कांकेर में 800 लोगों ने उनके 25 हिंदू भाइयों पर हमला किया और उन्हें पीटा। अगर पुलिस चाहती तो आरोपियों को गिरफ्तार कर सकती थी।

उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई की होती तो छत्तीसगढ़ बंद नहीं होता। इस तरह की घटना नहीं होती। भले ही चैंबर ऑफ कॉमर्स ने हड़ताल का आह्वान किया था, लेकिन मॉल मालिकों ने बजरंग दल को भड़काने के लिए सांता क्लॉज की मूर्ति लगाई। बाइबिल में कहीं भी सांता क्लॉज का जिक्र नहीं है।

दरअसल, क्रिसमस से एक दिन पहले 24 दिसंबर छत्तीसगढ़ बंद के दौरान रायपुर के मैग्नेटो मॉल में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई। आरोप है कि बजरंग दल के 30-40 कार्यकर्ता लाठी-डंडे लेकर मॉल के अंदर घुसे। मॉल कर्मचारियों से धर्म और जाति पूछकर सामानों में तोड़फोड़ की गई।

मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता ने बताया कि मॉल पूरी तरह बंद था। उन्होंने बंद का समर्थन भी किया था। इसके बावजूद 50 से 100 लोग जबरदस्ती मॉल में घुस आए। उनके हाथों में लाठी, हॉकी स्टिक थे।

मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड ने बताया कि वे कर्मचारियों और मौजूद लोगों से पूछ रहे थे 'आप हिंदू हो या क्रिश्चियन?', आपकी जाति क्या है?' यहां तक कि आईडी कार्ड और बैच देखकर सवाल किए जा रहे थे।

मार्केटिंग हेड के मुताबिक, वो लोग अग्रेसिव थे, डर था कहीं किसी को मार ना दे। यहां मौजूद कई स्टाफ रोने भी लगे थे। पुलिस के पहुंचने से पहले काफी चीजें डैमेज हो गई थीं। सब से कास्ट पूछ रहे थे। लग रहा था कि मार ही देंगे।

इस तोड़फोड़ में मॉल को करीब 15 से 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि नुकसान से ज्यादा डर का माहौल बना। ऐसा लग रहा था कि हालात और बिगड़ सकते हैं। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक कई चीजें तोड़ी जा चुकी थीं।

मैग्नेटो मॉल के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कुछ लोग हाथ में डंडे लेकर मॉल के अंदर घुसते हैं और हंगामा करते हैं। तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने 30 से 40 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 190, 191(2), 324(2) और 331(3) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले बंद के दौरान रायपुर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ब्लिंकिट के ऑफिस में घुसकर कर्मचारियों को लाठी से पीटा था। एक कार्यकर्ता कर्मचारी को मारते हुए CCTV कैमरे में कैद हो गया।

मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ की घटना के बाद विधानसभा रोड स्थित अंबुजा मॉल खाली कराया गया था। पुलिस की मौजूदगी में लोगों को बाहर निकाला गया। शाम के समय आने वाले लोगों को वापस लौटा दिया गया। किसी भी तरह की स्थिति से पहले ही मॉल के बाहर डंडे लेकर सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए गए थे।