रायपुर में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, रिश्वत कांड के बाद बिजली विभाग के EE सस्पेंड
रायपुर में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, रिश्वत कांड के बाद बिजली विभाग के EE सस्पेंड
रायपुर। गुढ़ियारी स्थित राज्य बिजली वितरण कंपनी के मुख्य अभियंता प्रोजेक्ट ऑफिस में पदस्थ कार्यपालन अभियंता (ईई) मुरली मौर्या को रिश्वत लेने का वीडियो प्रसारित होने के बाद निलंबित कर दिया गया। वीडियो में मौर्या चीफ इंजीनियर के कमरे से लगे अपने केबिन में बिलासपुर के एक ठेकेदार से काम और बिल पास करने के एवज में रुपये लेते दिख रहे हैं। इसमें दो प्लेसमेंट कर्मचारी भी हिस्सा लेते नजर आ रहे हैं।
दावा है कि ठेकेदार बिलासपुर की कंस्ट्रक्शन कंपनी का मालिक है। ईई मौर्या उससे काम करने और बिल के एवज में पैसा ले रहे थे। इसके बाद ठेकेदार कुछ पैसा निकालकर उसी ऑफिस में कार्यरत दो प्लेसमेंट कर्मचारियों को दे रहा है। बाद में एक राशि एक अन्य अधिकारी को दी गई थी।
कंपनी में चर्चा है कि बड़े साहब के करीबी मौर्या सप्लायरों से यह कहकर मोटी रकम वसूलते थे कि साहब चुनाव लड़ने के लिए फंड इकट्ठा कर रहे हैं। करोड़ों के तार और खंभे की खरीदी का जिम्मा संभाल रहे मौर्या पर घटिया सामान पास करने के भी आरोप हैं, जिसके कारण आए दिन बिजली दफ्तरों में आगजनी और खराबी होती है।
चौंकाने वाली बात यह है कि पूर्व में बजरंग इलेक्ट्रिकल टेंडर घोटाले में दोषी पाए जाने और पखांजूर ट्रांसफर होने के बावजूद रसूख के दम पर मौर्या रायपुर में ही टिके रहे। मौर्या के साथ दो अन्य अधिकारियों की तिकड़ी के हौसले इतने बुलंद थे कि वे ऑफिस में ही नोटों का खुला खेल खेल रहे थे। इस मामले में सीएसपीडीसीएल के एमडी भीमसिंह कंवर ने मौर्या के निलंबित होने की पुष्टि करते हुए दावा किया कि इंटरनेट मीडिया में प्रसारित वीडियो दो साल पुराना है।







