सट्टा केस में शहबाज को मिली अंतरिम जमानत

सट्टा केस में शहबाज को मिली अंतरिम जमानत

सट्टा केस में शहबाज को मिली अंतरिम जमानत

बिलासपुर। रायगढ़ में कथित ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा रैकेट संचालित करने के आरोपित शेख मोहम्मद शहबाज को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद शहबाज ने विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव सचदेवा की अवकाशकालीन खंडपीठ ने उसे अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

साथ ही शीर्ष अदालत ने छत्तीसगढ़ शासन को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई को लेकर अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं।

रायगढ़ के ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़ा मामला

मामला रायगढ़ में संचालित कथित ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क से संबंधित है। आरोप है कि शेख मोहम्मद शहबाज और उसके सहयोगी “आल पेनलेक्सचेेव डाट काम” आईडी के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चला रहे थे।

23 अप्रैल 2025 को कोतवाली पुलिस ने गांजा चौक स्थित एक दुकान में छापा मारकर अमित अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके कब्जे से नकदी और मोबाइल फोन जब्त किए थे। पूछताछ के दौरान ऑनलाइन सट्टा संचालन का खुलासा हुआ, जिसके बाद छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 के तहत अपराध दर्ज किया गया।

हाई कोर्ट ने जमानत देने से किया था इन्कार

इससे पहले 30 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने शहबाज और अन्य आरोपितों की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि ऑनलाइन सट्टेबाजी एक संगठित आर्थिक अपराध है, जिसका देश की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कोर्ट ने अपराध की प्रकृति को गंभीर मानते हुए जमानत देने से इन्कार कर दिया था।

फरारी और पुराने मामलों का भी उल्लेख

हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि मामले का खुलासा होने के बाद शहबाज लंबे समय तक फरार रहा। स्थायी वारंट जारी होने के बाद उसे कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने इसे जमानत के विरुद्ध महत्वपूर्ण परिस्थिति माना था।

इसके अलावा वर्ष 2016 से 2025 के बीच उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, आत्महत्या के लिए उकसाने, आर्म्स एक्ट और जुआ संबंधी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज होने का भी उल्लेख आदेश में किया गया था।