कवर्धा हादसे के बाद बिजली विभाग सतर्क, बचाव एडवाइजरी जारी
कवर्धा हादसे के बाद बिजली विभाग सतर्क, बचाव एडवाइजरी जारी
कवर्धा। कबीरधाम जिले में बीते सप्ताह करंट लगने से एक आठ वर्षीय बालक सहित पिता-पुत्र की मौत और कई मवेशियों के करंट की चपेट में आने की घटनाओं ने बारिश के मौसम में बिजली सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बीच विद्युत विभाग ने मानसून के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के लिए विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
विभाग ने साफ कहा है कि बारिश के मौसम में बिजली से जुड़ी छोटी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। उपभोक्ताओं से किसी भी खराबी की सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 1912, मोर बिजली एप अथवा निकटतम वितरण केंद्र को देने की अपील की गई है।
बारिश में कई गुना बढ़ जाता है करंट का खतरा
मुख्य अभियंता हर्ष कुमार मेश्राम ने बताया कि बरसात के दौरान बिजली के खंभों, उच्चदाब और निम्नदाब लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा घरेलू वायरिंग में नमी के कारण करंट रिसाव का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। तेज बारिश और आंधी के बीच फाल्ट ढूंढ़ना और बिजली आपूर्ति बहाल करना चुनौतीपूर्ण होता है, फिर भी विभागीय कर्मचारी लगातार मैदान में रहकर सुधार कार्य करते हैं। उन्होंने लोगों से संयम रखने और बिना जानकारी के बिजली व्यवस्था से छेड़छाड़ नहीं करने की अपील की।
टूटे तार, स्पार्किंग और जलभराव से रहें दूर
विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि कहीं बिजली का तार टूटकर गिरा हो, खंभा क्षतिग्रस्त हो गया हो या स्पार्किंग दिखाई दे रही हो तो उस स्थान के पास बिल्कुल न जाएं। विशेष रूप से नदी, नालों, तालाबों और जलभराव वाले क्षेत्रों में गिरे बिजली के तार बेहद घातक हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत विभाग को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित कदम है।
करंट लगने पर घबराएं नहीं, पहले बिजली बंद करें
एडवाइजरी में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति करंट की चपेट में आ जाए तो सबसे पहले मुख्य स्विच बंद करें। यदि स्विच तक पहुंचना संभव न हो तो सूखी लकड़ी, सूखी रस्सी या सूखे कपड़े की सहायता से पीड़ित को बिजली स्रोत से अलग करें। किसी भी परिस्थिति में नंगे हाथों से स्पर्श न करें। इसके बाद प्राथमिक उपचार देकर तत्काल अस्पताल पहुंचाना आवश्यक है।
घर, खेत और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
विभाग ने गीले हाथों से बिजली के उपकरणों का उपयोग नहीं करने, क्षतिग्रस्त तारों और सर्विस लाइन का इस्तेमाल नहीं करने, खेतों की बाड़ में बिजली प्रवाहित नहीं करने तथा बिजली लाइनों के नीचे निर्माण से बचने की सलाह दी है। बच्चों को ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभों के पास नहीं जाने दें तथा किसी भी खराबी को स्वयं ठीक करने के बजाय विभाग को सूचित करें। विभाग का कहना है कि बारिश के मौसम में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है और समय पर बरती गई सावधानी किसी की जान बचा सकती है।








