रायगढ़ में शादीशुदा युवक ने कुंवारा बन रचा प्रेमजाल

रायगढ़ में शादीशुदा युवक ने कुंवारा बन रचा प्रेमजाल

रायगढ़ में शादीशुदा युवक ने कुंवारा बन रचा प्रेमजाल

रायगढ़। विवाहित युवक ने दो-दो शादी करने के बावजूद नाबालिक बालिका को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। जिसमें अपराध दर्ज होते ही धरमजयगढ़ पुलिस ने वर्षों तक युवती का शारीरिक शोषण करने वाले आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार दिनांक 03 जुलाई 2026 को थाना गांधीनगर, जिला सरगुजा से प्राप्त शून्य एफआईआर की अपराध डायरी विवेचना हेतु थाना धरमजयगढ़ को प्राप्त हुई। पीड़िता (22 वर्ष) ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2018 में धरमजयगढ़ स्थित अपने किराये के मकान के पास रहने वाले पंकज गुप्ता से उसकी पहचान हुई थी। पीड़िता ने बताया कि जब वह नाबालिग थी, तब उससे प्रेम एवं विवाह करने का झूठा आश्वासन दिया और 20 जून 2018 को घर में अकेला पाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। घटना के बाद विवाह करने का भरोसा देकर किसी को घटना की जानकारी नहीं देने को कहा।

पीड़िता ने बताया कि इसके बाद आरोपित लगातार विवाह का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा। वर्ष 2019 में दूसरी युवती से विवाह कर लिया, लेकिन इसके बावजूद वह पीड़िता पर दबाव बनाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। विरोध करने पर आत्महत्या करने, स्वयं को नुकसान पहुंचाने तथा झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर पीड़िता को भयभीत करता था।

पीड़िता आगे की पढ़ाई के लिए रायगढ़ और बाद में अंबिकापुर चली गई, लेकिन आरोपित वहां भी उसके किराये के मकानों तक पहुंचकर लगातार उसका पीछा करता रहा। इस दौरान कई बार यह कहकर विवाह का आश्वासन दिया कि उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई है और वह अब पीड़िता से विवाह करेगा। इस झूठे विश्वास में रखकर न वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। बाद में दूसरी शादी भी कर ली, लेकिन इसके बावजूद पीड़िता के संपर्क में रहकर विवाह का झांसा देता रहा। । अंततः द्वारा विवाह से स्पष्ट इंकार करने पर पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई।

पीड़िता की शिकायत पर थाना धरमजयगढ़ में पंकज गुप्ता, पिता स्वर्गीय सुरेश गुप्ता, उम्र 30 वर्ष, निवासी गोधनपुर, अंबिकापुर, थाना गांधीनगर, जिला सरगुजा के विरुद्ध धारा 64(2)(एम) भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पीड़िता का कथन एवं अन्य आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने पंकज गुप्ता को कल गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।