प्रधान आरक्षक की हत्या, पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर रची थी साजिश

प्रधान आरक्षक की हत्या, पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर रची थी साजिश

प्रधान आरक्षक की हत्या, पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर रची थी साजिश

अंबिकापुर। बलरामपुर के सेंदूर नदी के रेत में दफन शव छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल दंतेवाड़ा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विश्वनाथ केरकेट्टा (51) का था। उसकी दूसरी पत्नी क्लास्टिका केरकेट्टा ने साजिश के तहत अपने प्रेमी विवेक टोप्पो (31) से प्रधान आरक्षक की हत्या करवा दी थी। साक्ष्य छिपाने का दोनों ने प्रयास भी किया, लेकिन पड़ोसियों से मिली जानकारी तथा तकनीकी जांच के बाद प्रधान आरक्षक की हत्या में पत्नी और प्रेमी की संलिप्तता प्रमाणित हुई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई हत्या की पुष्टि

बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि बलरामपुर के सतीसेमर से लगे सेंदूर नदी की रेत में दफन एक शव 29 जनवरी की शाम बरामद हुआ था। प्रथम दृष्टया ही प्रकरण हत्या और साक्ष्य छिपाने का प्रतीत हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि पर जांच शुरू की गई। अगले दिन ही पता चला कि मृतक विश्वनाथ केरकेट्टा है। वह मूलतः रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम सलियापारा का रहने वाला था। पूर्व में उसकी पदस्थापना बलरामपुर जिले में थी। वर्तमान में वह छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में बतौर प्रधान आरक्षक दंतेवाड़ा में पदस्थ था।

दूसरी पत्नी के व्यवहार ने खोला राज

पहचान हो जाने के बाद पुलिस की जांच में पता चला कि बलरामपुर में पदस्थापना के दौरान उसने ग्राम सवनी की क्लास्टिका नामक युवती से दूसरा विवाह किया था। दोनों के दो बच्चे भी हैं। बलरामपुर के सतीसेमर में उनका मकान भी है। बच्चों की पढ़ाई के सिलसिले में वर्ष 2024 में पत्नी को उसने रायपुर में किराए के मकान में रखा है। वह भी वहीं रहता था। प्रधान आरक्षक का शव मिलने से पहले 22 जनवरी को उसकी पत्नी सतीसेमर स्थित घर आई थी। पड़ोसियों के सामने ऐसा प्रदर्शित किया था कि वह पति की तलाश में लगी है, लेकिन उसका व्यवहार बदला हुआ था। इस बात की जानकारी लगने पर पुलिस ने क्लास्टिका को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपने प्रेमी विवेक टोप्पो का नाम सार्वजनिक किया।
फेसबुक से हुई दोस्ती और हत्या की साजिश

पुलिस जांच में पता चला कि मृतक प्रधान आरक्षक विश्वनाथ की पत्नी क्लास्टिका की फेसबुक के माध्यम से ग्राम बेलकुन्द्री चलगली निवासी विवेक टोप्पो से पहचान हुई। यह पहचान संबंधों में बदल गई थी। विवेक भी शादीशुदा था। इधर प्रधान आरक्षक को भी दोनों के संबंधों की जानकारी लग गई थी। दोनों अक्सर मोबाइल से बातचीत किया करते थे। इस कारण परिवार में अक्सर विवाद भी होता था। साथ रहने की इच्छा पूरी करने के लिए दोनों ने विश्वनाथ की हत्या करने की योजना बनाई थी।
धारदार हथियार से हमला और शव को दफनाया

प्रधान आरक्षक विश्वनाथ केरकेट्टा को साजिश के तहत बलरामपुर बुलाया गया। उसने कार्यस्थल से छुट्टी ली और 12 जनवरी को दंतेवाड़ा से निकला। 14 जनवरी को वह सतीसेमर स्थित घर पहुंचा। उसी शाम को आरोपित विवेक ने व्हाट्सएप से संदेश भेजकर उसे सेंदूर नदी के पास बुलाया। वहां विवेक पूरी तैयारी से खड़ा था। जैसे ही प्रधान आरक्षक वहां पहुंचा, तो आरोपित ने धारदार खुरपी से उसके सिर पर हमला कर दिया। लगातार कई बार प्रहार करने से उसकी मौत हो गई थी। नदी के दूसरे हिस्से में रेत खोदकर शव को दफनाकर आरोपित भाग निकला था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस प्रकरण का राजफाश कर दिया।